यह विश्व के सबसे बड़ी तोप यह राजस्थान जयपुर के आमेर के महल में पहाड़ी के ऊपर स्थित है इसकी खास बात यह है इसे चारों तरफ घूम कर चला सकते हैं इस तोप चलाने के लिए 7 किलो गन पाउडर का इस्तेमाल होता है
📢 हरियाणा सरकार की फैमिली आईडी से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचना हरियाणा में जिन परिवारों की फैमिली आईडी में वार्षिक आय ₹3,00,000 से अधिक दर्ज है, उनकी पेंशन ❌ बंद कर दी गई है। 📌 फैमिली आईडी में आय बढ़ने के मुख्य कारण: 🏠 परिवार के नाम 400 गज या उससे अधिक का प्लॉट होना 🚗 परिवार के नाम चार पहिया वाहन दर्ज होना 🌾 फसल बिक्री से ₹3,00,000 से अधिक की आय होना 💰 परिवार का कोई सदस्य इनकम टैक्स भरता हो 🍚 परिवार द्वारा सरकारी राशन नहीं लिया जाना ⚡ बिजली का बिल अधिक राशि का आना 👉 इन कारणों से फैमिली आईडी में आय स्वतः बढ़ा दी जाती है, जिससे पेंशन व अन्य सरकारी लाभ बंद हो सकते हैं। *जिनके माता-पिता बुढ़ापा पेंशन लेते हैं वो अपनी फैमिली आईडी में Senior Citizen old age Pensioner(Occupation)करवा लें, नहीं तो हरियाणा सरकार द्वारा पेंशन काट दी जाएगी।* शेयर करो
आज मुख्यमंत्री श्री Nayab Saini की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में अनुसूचित जाति अत्याचार अधिनियम 1989 और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 के प्रावधानों के कार्यान्वयन की समीक्षा हेतू राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित हुई। जिसमें सीएम ने अनुसूचित जाति के कल्याण हेतु उत्कृष्ट पंचायतों की प्रोत्साहन राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने और थानों में अलग इन्वेस्टिगेशन विंग बनाने की घोषणा की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि SC/ST वर्ग का उत्पीड़न किसी भी स्तर पर सहन नहीं होगा और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने के लिए 60 दिनों के भीतर चार्जशीट पेश करना अनिवार्य होगा। साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिए कि झूठी शिकायतों पर कार्रवाई हो और जिला स्तर पर सतर्कता समितियों की नियमित समीक्षा बैठकें की जाएं। सरकार का लक्ष्य पारदर्शी जांच और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देना है।
#esptinefiles कल्पना करिए की जेफ्री एप्सटीन ईरान का मुस्लिम होता और इसमें डोनाल्ड ट्रंप, बिल गेट्स, प्रिंस एंड्रयू, जेफ बेज़ोस की जगह सद्दाम हुसैन, मोअम्मर गद्दाफी, एमबीएस का नाम होता। ये सारी घिनौनी हरकतें करते हुए इन लोगों के वीडियो और फोटो होते तो क्या होता। भारतीय मीडिया समेत पूरी दुनिया का मीडिया नंगा हो कर नाच रहा होता, हर टीवी स्टूडियो मे दाढ़ी वाले बैठे होते जिनसे जवाब मांगा जा रहा होता। दुनिया के दो अरब मुसलमानों को इसका जिम्मेदार ठहरा दिया गया होता, इस्लाम और कुरआन पर चर्चाएं हो रही होतीं। मुसलमानों का जीना दूभर हो गया होता। चलते फिरते सोते जागते एप्सटीन का भूत मुसलमानों के साथ लगा होता मगर चूंकि मुसलामानों क नाम नहीं है तो दुनिया में खामोशी है। बाल अधिकार, मानवाधिकार महिला अधिकार जैसी संस्थाओं की अकाल मृत्यु हो गई है। वो उर्दू नामधारी जो ईरान में मानवाधिकार के लिए मरे जा रहे थे, जो अमेरिका इजरायल युरोप को अपना रुहानी बाप समझते हैं मर गये हैं। अल्लाह ने जालिमों को जालिमों के जरिए ही सरेआम जलील करवा दिया। इसी में हमारा यकीन भी है वो तु इज्जू ...
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