हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए भर्ती से जुड़े नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। अदालत ने कहा है कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले अभ्यर्थियों को केवल इस आधार पर आईटीआई के बराबर नहीं माना जा सकता, जब तक भर्ती विज्ञापन या संबंधित सेवा नियमों में इसका स्पष्ट उल्लेख न हो।
पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSTCL) में असिस्टेंट लाइनमैन (ALM) और असिस्टेंट सब-स्टेशन अटेंडेंट (ASSA) पदों की भर्ती को लेकर चल रहे लंबे विवाद पर सुनवाई करते हुए जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने यह फैसला सुनाया। पीएसटीसीएल ने 18 मई 2021 को 350 ALM और 150 ASSA पदों के लिए विज्ञापन जारी कर आवेदन मांगे थे।
इन पदों के लिए न्यूनतम योग्यता मैट्रिक के साथ इलेक्ट्रिशियन या वायरमैन ट्रेड में फुल-टाइम रेगुलर आईटीआई सर्टिफिकेट तय की गई थी। इस पर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री या डिप्लोमा धारक कुछ उम्मीदवारों ने यह तर्क दिया कि उनकी योग्यता आईटीआई से अधिक है, इसलिए उन्हें आवेदन से बाहर रखना असंवैधानिक है।
पीएसटीसीएल की ओर से पेश हुए वकील विकास चतरथ ने दलील दी कि आईटीआई एक व्यावसायिक योग्यता है, जो फील्ड लेवल पर तकनीकी कौशल पर आधारित होती है, जबकि डिग्री या डिप्लोमा अलग प्रकृति की शैक्षणिक योग्यता है। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक नियमों में प्रावधान न हो, तब तक डिग्री या डिप्लोमा को आईटीआई के समकक्ष नहीं माना जा सकता।

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